moralstory in hindi for class 2 and class 3 ,"मोबाइल से असली दुनिया की ओर"


     गोपी नाम का एक लड़का था।वह एक छोटे शहर में अपने मम्मी और पापा के साथ रहता था।कुछ दिनों से वह पूरे दिन मोबाइल पर खेलता रहता था।उसके मम्मी पापा उसकी इस आदत से बहुत परेशान हो गए थे।मोबाइल के ज्यादा उपयोग से गोपी का शरीर बैठे बैठे स्थूल होने लगा था।वह अब पढ़ाई में भी कमजोर हो गया था।गोपी को अब चश्मा भी लग गया था।गोपी ने बाहर जाकर दोस्तों के साथ खेलना भी बंद कर दिया था।मम्मी के बार बार समझाने के बावजूद गोपी ने मोबाइल का इस्तेमाल कम नहीं किया था। मम्मी ने गोपी की मोबाइल की आदत सुधारने का एक उपाय सोचा।अपने प्लान में मम्मी ने पापा को भी शामिल कर लिया।
     रविवार के दिन मम्मी ने सुबह जल्दी जागकर ढ़ेर सारा नाश्ता बना लिया।गोपी को जगाकर तैयार होने को कह दिया। गोपी के पूछने पर कहा कि आज वह सब पिकनिक पर जाएगें।मम्मी , पापा और गोपी नाश्ता लेकर गाड़ी में घूमने के लिये निकल पड़े।
       पापा ने गाड़ी अनाथ आश्रम के बाहर आकर रोक दी।वह सब लोग आश्रम के अंदर गए और वहाँ ऑफिस में जाकर पापा ने ट्रस्टी से मुलाकात की।ट्रस्टी उन सब को मैदान में ले गए।गोपी ने मैदान में बहुत सारे बच्चों को हँसते और खेलते देखा।उन्हें देखकर गोपी को याद आया पहले वह कैसे अपने दोस्तों के साथ मज़े से खेलता था।कुछ देर बाद उन सब में दौड़ने की प्रतियोगिता शुरू हुई।उन सबकों दौड़ते देख गोपी को याद आया कैसे वह भी पहले दौड़ में हमेशा प्रथम आता था।लेकिन अब शरीर बढ़ने के कारण उसकी साँस जल्दी फूल जाती हैं। उसके बाद मम्मी ने सब बच्चोंं को नास्ता दिया।गोपी को याद आया पहले कैसे वह अपनी मम्मी का बनाया हुआ नास्ता अपने दोस्तों के साथ मिल बाटकर खाता था।गोपी को अब अपनी गलती का एहसास हो गया था।
घर वापस लौटकर गोपी ने पहले अपनी पढ़ाई की और शाम को गोपी अपने दोस्तों के साथ खेलने बाहर चला गया। गोपी में आए इस बदलाव को देखकर मम्मी और पापा ने चैन की साँस ली।

शिक्षा: मोबाइल का अधिक उपयोग नुकसानदायक हैं।

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