motivatinal funny story in hindi "परोपकारी पेट कि कहानी"

    एक बार शरीर के सभी अंग आपस में लड़ाई कर रहे थे।सभी को यह महसूस हो रहा था कि पेट को बाकी सभी अंगों की तुलना में अधिक आराम मिलता हैं।
  पैर बोले,"हम तो हमेशा चलते फिरते रहते हैं", और पेट को कोई काम नहीं  करना पढ़ाता हैं।हाथ बोले,"हमारा तो किसी को महत्त्व  समझ में ही नहीं आता"।
   दांत बोले,"हम तो पेट के लिए भोजन चबाते हैं और उसे तो ज़रा भी हिलना नहीं पढ़ाता"। इस तरह सब ने अपने अलग -अलग विचार प्रगट किए।
  अंत में सब ने हड़ताल करने की सोची और काम  करना बंद  कर दिया।
          अब हड़ताल होने से पेट को खाना मिलना बंद हो गया।धीरे - धीरे शरीर कमजोर होने लगा।तब पेट बोला ,"जब तक मुझे खाना मिलता था तब तक मैं सभी को ताकत देता था,"। अब सभी अंगों को महसूस हुआ  कि पेट के कारण ही उन सब को ताकत मिलती थी।   अब सभी अंगों को पेट का महत्त्व समझ में आ गया और अपनी गलती का अहसास हुआ।
     सभी अंगों ने दोबारा मिलकर काम करना शुरू कर दिया। कुछ ही समय में शरीर पुनः स्वस्थ हो गया।

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